
रुका हु कुछ देर
पलक झपकते ही उड़ जाऊंगा,
कटे नहीं है पंख मेरे,
बस एक सीमा के बाद
मै भी तो थक जाऊंगा;
थोड़ी मोहल्लत दे दे,
फिर मुस्कराता भटक जाऊंगा.


रुका हु कुछ देर
पलक झपकते ही उड़ जाऊंगा,
कटे नहीं है पंख मेरे,
बस एक सीमा के बाद
मै भी तो थक जाऊंगा;
थोड़ी मोहल्लत दे दे,
फिर मुस्कराता भटक जाऊंगा.
Subscribe to get the latest posts sent to your email.
Come say hi, and drop a comment