
तू बना ले बहाने जितने बना सकता है
दूर चला जा जितना जा सकता है,
दूरिया जितनी भी बना ले हमारे बीच में
मै आउंगी तुजसे मिलने फिर भी वक़्त से वक़्त चुरा के.
थोड़ी और गुफ्तगू:सूरज से गुफ्तगू #2


तू बना ले बहाने जितने बना सकता है
दूर चला जा जितना जा सकता है,
दूरिया जितनी भी बना ले हमारे बीच में
मै आउंगी तुजसे मिलने फिर भी वक़्त से वक़्त चुरा के.
थोड़ी और गुफ्तगू:सूरज से गुफ्तगू #2
Subscribe to get the latest posts sent to your email.
Leave a reply to Yasmin Khan Cancel reply