
दिल तो मशवरे नहीं करता मुझसे
क्या तू भी अब नहीं करेगा
गम रास आने लगा था मुझे
क्या तू भी अब ग़मज़ादा हो जायेगा?
कुछ और गुफ्तगू: सूरज से गुफ्तगू #9


दिल तो मशवरे नहीं करता मुझसे
क्या तू भी अब नहीं करेगा
गम रास आने लगा था मुझे
क्या तू भी अब ग़मज़ादा हो जायेगा?
कुछ और गुफ्तगू: सूरज से गुफ्तगू #9
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