तू आया तो है फिर से आज
पर तू सवेरा नहीं, अँधेरा लाया है
क्या बात हुई, क्या कोई बात अधूरी छूटि
या फिर बस मेरे अंदर का अन्धेरा तुज पर भी छाया हैं
Read more: सूरज से गुफ्तगू #28

तू आया तो है फिर से आज
पर तू सवेरा नहीं, अँधेरा लाया है
क्या बात हुई, क्या कोई बात अधूरी छूटि
या फिर बस मेरे अंदर का अन्धेरा तुज पर भी छाया हैं
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