Category: For the eternal love.
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सूरज से गुफ्तगू #49
प्यार और इश्क़ में फर्क समाज आयातेरे और मेरे बीच का फर्क आज समाज आयादिन और रात सा अंतर है हमारे दर्मियापर देख फिर भी अब तक का कारवां क्या खूब निभाया हैइस बार तू छोड़ के नहीं गयाअब यकीन है इस बार नहीं जायेगासांज और सवेरे से पहले का…
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सूरज से गुफ्तगू #48
मुद्दतो बाद एक पैगाम आया हैभरी दोपहर में मेरे चाहने वाले का ऐलान आया हैडर है कही वो फिर न मुकर जायेइतनी दफा छोड़ गया, वैसे कही फिर न छोड़ जाये. Read More: सूरज से गुफ्तगू #47
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सूरज से गुफ्तगू #47
सुना है मिलने वाले ख्वाबो में भी मिल जाते हैतुम भी आते हो मिलनेधीमे धीमे ख्वाबो को सजोनेभीनी ज़ुल्फो की चादर तलेआँखों से नींद चुराएपर जैसे ही तुम्हारा हाथ थामुतो न जाने कहा गायब हो जाते होमानो जैसे ख्वाबो में ही मोहब्बत करते होसुना है मिलने वाले ख्वाबो में भी…
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सूरज से गुफ्तगू #46
अभी तो दिखा था तू फिर छुप गयामोहब्बत है मुझसे कह कर फिर चला गयाअब तक इतनी चाय पिलाई है, आज तू भी एक घूट पीलानशा तो तुजपे भी चढ़ गया है, अब तो ये शर्म हटा Read More: सूरज से गुफ्तगू #45 PS: Merry Christmas everyone.
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सूरज से गुफ्तगू #45
तू अपनी आँखों पे थोड़ी तवज्जोह तो रखकही न लग जाये तुजे मेरी ही लतजैसे मै तुजे नहीं बाट सकतीवैसे तू भी मुझे न बाट पाएकही तुजे भी न हो जाये ऐसी ही मोहब्बत Read More: सूरज से गुफ्तगू #44
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सूरज से गुफ्तगू #44
तेरे जाने के साथ आज मै सोने चली जाउंगीबिस्तर पर लेट कर एक अलग ही धुन में खो जाउंगीउसी उल्जन के साथ सो जाउंगीकी शायद ख्वाबो में कुछ सुलझ जायेक्या पता जो न सोचा हो वो भी मिल जाये Read More: सूरज से गुफ्तगू #43
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सूरज से गुफ्तगू #42
तुम बार बार जो अपनी चलाते थेन जाने मुझे कितने हिस्सों में तोड़ जाते थेअब जो तुम पिघले हो अर्सो के बादउम्र भर का हिसाब चुकाना होगा तुम्हे आजतोड़ने की ख्वाहिश नहीं रखते हमबस बाटना चाहते है तेरे गमअब तक तुजे छूने से ही डरती थीअब तुम मुझे खोने से…

