Category: Just when I don’t know anything.

  • सूरज से गुफ्तगू #24

    मै कुछ देर का मेहमान हुतू जीता चला जायेगातूने ही कहा था, मै जरूरी हु सांस लेने के लिएफिर तू क्या करेगा, मेरे बाद मुझे पाने के लिए?चल, तुजे क्या करना है मै ही तुजे बता देती हूँतेरे हर हाल का पता मै ही लिख के लती हूँतू क्या मेरे…

  • सूरज से गुफ्तगू #23

    इशारो इशारो में बात बहुत कर लीबिना कहे मेरी हर ख्वाहिश पूरी कर दी,फिर भी कहता है कुछ मांगू तुजसेपर अब कुछ मांगूंगी तो तुजे खो दूंगी शायद खोने के दर से। https://aestheticmiradh.com/2020/10/21/सूरज-से-गुफ्तगू-22/

  • Blank

    Four years ago, around 24thAugust, I had this insane urge of being heard, I did not ramble what was going on with me then, I just wrote a small blog celebrating Janmashtami. That was my third or fourth attempt at blogging or precisely writing. I had failed so far, and…

  • सूरज से गुफ्तगू #22

    पाना नहीं सिर्फ चाहना है तुजे कुछ ज्यादा नहीं सिर्फ सपनो में देख लेना तू मुझे, और कुछ नहीं तो बसा लेना तेरी हर रंगीन अंगड़ाई में फिर तू चाहे तो बस बन कर रह जाउंगी तेरी ही परछाई मै। Read more: सूरज से गुफ्तगू #21

  • सूरज से गुफ्तगू #21

    सूरज से गुफ्तगू #21

    सुन शायद ये सब ख़तम करना होगा तू समज, शायद वो ही बेहतर होगा, कुछ ज्यादा ही बड़े सपने देख लिए थे मैनें, ये कैसे बताऊ इकरस की कहानी क्या थी ये तुजे कैसे समजाउ। इकरस (Icarus: Icarus, in Greek mythology, son of the inventor Daedalus who perished by flying too near…

  • सूरज से गुफ्तगू #20

    सूरज से गुफ्तगू #20

    तेरे आने का वक़्त हो गया है पर जो सपनो में तू ही है उसका क्या करू, तू ही बता तेरे साथ, सपनो में या खुदसे दूर असलियत में, किसे चुन। Read more: सूरज से गुफ्तगू #19

  • सूरज से गुफ्तगू #19

    तुम एक ख्वाब होतुम से मिलने की एक अनकही चाहत है,कब तक नज़्मों में बाते करू तुमसेकब तक वो किताबो वाला इश्क़ करू तुमसे?अब है तेरी बारी, मुक्कम्मल कर मेरे ख्वाबचाहे फिर क्यों न करनी पड़े जंग तुजे उसे रब से ही आज। Read More: सूरज से गुफ्तगू #18 PS: If…

  • सूरज से गुफ्तगू #18

    कई दिनों से तुजसे मुलाकात नहीं हुई हैं ये भीगी बारिश से जैसे नफरत सी हुई हैं, तू ही कहता था, तेरे बिना मेरा अस्तित्व नहीं तो अब ये तू ही बता, तेरे बिना मैं खोकली बन_ पर जिउ तो सही? Read more: सूरज से गुफ्तगू #17

  • सूरज से गुफ्तगू #17

    सुन आज कोई बात नहीं करते हैं तेरे फिर से डूब जाने की बात नहीं करते हैं, तेरे, हर शाम के बाद वह बदलते हुए चाँद के पास जाने की बात नहीं करते हैं तुजे यु किसी से बाटने की बात नहीं करते हैं, हमारे कभी न मिल पाने की…