वो घुंघरू की जँकार
वो झिलमिलाता ताल.
वो बजते ढोल
वो सरगम के बोल.
वो थिरकते पैर
वो नशीले नैन.
वो दिल धड़कता
वो साँसे झूमती.
वो मन मचलता
वो अनकही ख़ुशी.
वो ज़िंदा होने का एहसास
वो ज़िंदा रहने की प्यास.
आज सब बहुत याद आ रहे हैं.

वो घुंघरू की जँकार
वो झिलमिलाता ताल.
वो बजते ढोल
वो सरगम के बोल.
वो थिरकते पैर
वो नशीले नैन.
वो दिल धड़कता
वो साँसे झूमती.
वो मन मचलता
वो अनकही ख़ुशी.
वो ज़िंदा होने का एहसास
वो ज़िंदा रहने की प्यास.
आज सब बहुत याद आ रहे हैं.
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