
सुनो थोड़ा ठहर जाओ
तुमसे एक बात केहनी थी, वो बस सुनते जाओ
दिल आज फिर भर आया है
मै, रात तुम्हारे आने के इंतज़ार में काट लुंगी
तुम बस शाम सहारा बनते जाओ,
सुनो, बस थोड़ा ठहर जाओ.
कुछ और गुफ्तगू: सूरज से गुफ्तगू#8


सुनो थोड़ा ठहर जाओ
तुमसे एक बात केहनी थी, वो बस सुनते जाओ
दिल आज फिर भर आया है
मै, रात तुम्हारे आने के इंतज़ार में काट लुंगी
तुम बस शाम सहारा बनते जाओ,
सुनो, बस थोड़ा ठहर जाओ.
कुछ और गुफ्तगू: सूरज से गुफ्तगू#8
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