जो देखना चाहता है तो देख लेता है
वरना न जाने कहा छुप जाता है
मै इंतज़ार करती हूँ की तू अब आएगा
पर तुजे न जाने मुझे यु परेशां देख, क्या चैन आता है.
Read More: सूरज से गुफ्तगू #29

जो देखना चाहता है तो देख लेता है
वरना न जाने कहा छुप जाता है
मै इंतज़ार करती हूँ की तू अब आएगा
पर तुजे न जाने मुझे यु परेशां देख, क्या चैन आता है.
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