सब कुछ हो के अब कुछ नहीं रहा
हमारे दरमियान अब कुछ न रहा
तू आना मुझसे मिलने अगर चाहे तो
क्युकी मेरे पास अब तुजसे मिलने का कोई बहाना न रहा
Read More: सूरज से गुफ्तगू #34

सब कुछ हो के अब कुछ नहीं रहा
हमारे दरमियान अब कुछ न रहा
तू आना मुझसे मिलने अगर चाहे तो
क्युकी मेरे पास अब तुजसे मिलने का कोई बहाना न रहा
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