तेरे जाने के साथ आज मै सोने चली जाउंगी
बिस्तर पर लेट कर एक अलग ही धुन में खो जाउंगी
उसी उल्जन के साथ सो जाउंगी
की शायद ख्वाबो में कुछ सुलझ जाये
क्या पता जो न सोचा हो वो भी मिल जाये
Read More: सूरज से गुफ्तगू #43

तेरे जाने के साथ आज मै सोने चली जाउंगी
बिस्तर पर लेट कर एक अलग ही धुन में खो जाउंगी
उसी उल्जन के साथ सो जाउंगी
की शायद ख्वाबो में कुछ सुलझ जाये
क्या पता जो न सोचा हो वो भी मिल जाये
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