तू अपनी आँखों पे थोड़ी तवज्जोह तो रख
कही न लग जाये तुजे मेरी ही लत
जैसे मै तुजे नहीं बाट सकती
वैसे तू भी मुझे न बाट पाए
कही तुजे भी न हो जाये ऐसी ही मोहब्बत
Read More: सूरज से गुफ्तगू #44

तू अपनी आँखों पे थोड़ी तवज्जोह तो रख
कही न लग जाये तुजे मेरी ही लत
जैसे मै तुजे नहीं बाट सकती
वैसे तू भी मुझे न बाट पाए
कही तुजे भी न हो जाये ऐसी ही मोहब्बत
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