Category: Just when I don’t know anything.

  • सूरज से गुफ्तगू #7

    सूरज से गुफ्तगू #7

    क्या यार तुम आज फिर चुप गये देखो ये रोज रोज का रूठना मनाना नहीं चलेगा तुम्हारा रोज यु हमसे दूर जाना नहीं चलेगा. हमने तो कभी कहा नहीं की हमे बारसात पसंद है हमे तो तुम्हारी वो दूर से भेजी रंगीन आहट ही पसंद है हमने कब कहा की…

  • सूरज से गुफ्तगू #6

    सूरज से गुफ्तगू #6

    चलो जाओ, नहीं करनी तुमसे कोई मुलाकात तुम नहीं चाहते तो नहीं करनी तुमसे कोई बात दूर-दूर ही अच्छे हो चाँद क बिना ही पुरे हो. शायद इसी बात का गुर्रर है चांदनी से पहले जो तुमसे मोहब्बत का इकरार किया है. हमने तो कोई पर्दा न रखा था पर…

  • A Year Older, A Year Wiser #3

    I am sitting at my over embellished desk staring at the picture that I so adore, sipping tea. Sipping tea has been the highlight of the day these days, well, not exactly sipping tea, but trying various teas has been. I am so bored and useless that all I look…

  • सूरज से गुफ्तगू #5

    सूरज से गुफ्तगू #5

    बिखेर दिए है आज जो बदल भी तुमने बस गए हो यु उसके भी दिल में कुछ तो शर्म करो कितनो के दिल के तोड़ोगे अब बस भी करो, मोहब्बत करता हु, ये कितनो से कहोगे. थोड़ी और गुफ्तगू: सूरज से गुफ्तगू #4

  • सूरज से गुफ्तगू #4

    सूरज से गुफ्तगू #4

    First things first #NoFilters पागल ही कह लो हम तो सूरज से भी बातें करते है, ख़्वाबीदा ही कह लो हम तो उससे मिलने का ख्वाब भी देखते है. कुछ और गुफ्तगू उस अनजान सूरज से: सूरज से गुफ्तगू #3 सूरज से गुफ्तगू #2 सूरज से गुफ्तगू #1

  • सूरज से गुफ्तगू #3

    सूरज से गुफ्तगू #3

    तू बना ले बहाने जितने बना सकता है दूर चला जा जितना जा सकता है, दूरिया जितनी भी बना ले हमारे बीच में मै आउंगी तुजसे मिलने फिर भी वक़्त से वक़्त चुरा के. थोड़ी और गुफ्तगू:सूरज से गुफ्तगू #2

  • सूरज से गुफ्तगू #2

    सूरज से गुफ्तगू #2

    आज फिर छुप गया था वो मुझसे न जाने कम्बखत कितनी कहानिया छुपा रहा था मुझसे. कुछ और शिकायते सूरज से : सूरज से गुफ्तगू #1

  • सूरज से गुफ्तगू #1

    सूरज से गुफ्तगू #1

    तुम रोज जो छुप-छुप के मुझे यु देखा करते हो, सिर्फ नफरत ही है ज़ेहन में या थोड़ी मोहब्बत भी किया करते हो? PS: I refrain to translate them in English! I don’t think I can justify it!

  • शायद .

    शायद .

      अब तक उलझी हु अपने सवालो में दो-चार सवाल तू भी पूछ ले, शायद कुछ सुलझ जाये बंधी घुटन की डोर, शायद टूट जाये.