
आज फिर छुप गया था वो मुझसे
न जाने कम्बखत कितनी कहानिया छुपा रहा था मुझसे.
कुछ और शिकायते सूरज से : सूरज से गुफ्तगू #1


आज फिर छुप गया था वो मुझसे
न जाने कम्बखत कितनी कहानिया छुपा रहा था मुझसे.
कुछ और शिकायते सूरज से : सूरज से गुफ्तगू #1
Subscribe to get the latest posts sent to your email.
Leave a reply to सूरज से गुफ्तगू #3 | Aesthetic Miradh Cancel reply